‘युवा स्टार्स को जमीन पर उतारें’.. कोच गौतम गंभीर को दिग्गज एबी डीविलियर्स की बड़ी नसीहत!
भारतीय क्रिकेट टीम के लिए पिछला कुछ समय काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। हाल ही में यूके (यूनाइटेड किंगडम) के दौरे पर टीम इंडिया को टी20 सीरीज में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। इस हार ने भारतीय क्रिकेट के भविष्य और युवा खिलाड़ियों की तकनीक पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी बीच, दक्षिण अफ्रीका के महान बल्लेबाज और 'मिस्टर 360' के नाम से मशहूर एबी डीविलियर्स ने भारतीय कोच गौतम गंभीर को एक महत्वपूर्ण सलाह दी है। डीविलियर्स का मानना है कि भारतीय टीम के युवा खिलाड़ियों को अपनी 'स्टार इमेज' से बाहर निकलकर हकीकत का सामना करने की जरूरत है।
गंभीर को कड़ा रुख अपनाने की सलाह
एबी डीविलियर्स ने अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत करते हुए कहा कि भारतीय टीम में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन उस प्रतिभा को सही दिशा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा जैसे खिलाड़ी असाधारण रूप से प्रतिभाशाली हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबे समय तक टिकने के लिए सिर्फ टैलेंट काफी नहीं होता। इसके लिए अनुशासन, मानसिक मजबूती और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है।"
डीविलियर्स ने कोच गौतम गंभीर को सुझाव दिया कि वे इन खिलाड़ियों के साथ सख्ती से पेश आएं। उन्होंने कहा, "युवा खिलाड़ियों को हद से ज्यादा नहीं सराहा जाना चाहिए। उन्हें यह याद दिलाना जरूरी है कि वे अभी भी सीखने के दौर में हैं। कोच के तौर पर गंभीर की जिम्मेदारी है कि वे इन चमकते सितारों को वापस जमीन पर लाएं।"
IPL और इंटरनेशनल क्रिकेट का फर्क
आजकल के ज्यादातर खिलाड़ी आईपीएल (IPL) में शानदार प्रदर्शन कर रातों-रात सुपरस्टार बन जाते हैं। लेकिन जब यही खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए खेलते हैं, तो अक्सर संघर्ष करते नजर आते हैं। डीविलियर्स ने इस अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा, "IPL में आप एक या दो कमजोर गेंदबाजों को निशाना बना सकते हैं और रन बटोर सकते हैं। वहां गलतियों की गुंजाइश होती है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में छिपने के लिए कोई जगह नहीं होती। यहां दुनिया के सबसे घातक गेंदबाज आपकी कमजोरी का इंतजार करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बल्लेबाजी के लिए अलग-अलग 'गियर' की जरूरत होती है। "आप हमेशा पांचवें गियर में बल्लेबाजी नहीं कर सकते। आपको पता होना चाहिए कि कब रुकना है और कब आक्रमण करना है। अगर आप हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश करेंगे, तो विदेशी परिस्थितियों में सफल होना मुश्किल होगा।"
क्या टीम इंडिया का भविष्य खतरे में है?
डीविलियर्स ने एक चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि अगर युवा खिलाड़ियों को अभी सही दिशा नहीं दिखाई गई, तो भारतीय क्रिकेट के लिए आने वाला समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उनके अनुसार, खिलाड़ियों को यह समझना होगा कि इंटरनेशनल क्रिकेट में नाम से नहीं, बल्कि काम से पहचान बनती है।
गौतम गंभीर को एक सख्त कोच माना जाता है और डीविलियर्स का यह बयान उनके काम करने के तरीके से मेल खाता है। गंभीर ने भी हमेशा टीम को व्यक्तिगत रिकॉर्ड से ऊपर रखा है। डीविलियर्स ने इशारों-इशारों में यह भी कहा कि संजू सैमसन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और मौकों को भुनाना होगा।
अनुशासन और मानसिक मजबूती पर जोर
एबी डीविलियर्स का मानना है कि एक खिलाड़ी तभी महान बनता है जब वह अपनी गलतियों से सीखता है। यूके के दौरे पर जो हार मिली है, वह इन युवाओं के लिए एक 'वेक-अप कॉल' की तरह होनी चाहिए। यह हार उन्हें बताती है कि अभी उन्हें बहुत कुछ सीखना बाकी है।
उन्होंने अंत में कहा कि गौतम गंभीर के पास एक बेहतरीन विजन है और वे टीम को सही रास्ते पर ले जा सकते हैं, बशर्ते खिलाड़ी अपनी ईगो को साइड में रखकर सीखने के लिए तैयार हों। डीविलियर्स के इस बयान ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि भारतीय टीम के युवा खिलाड़ी और कोच गंभीर इस पर कैसे प्रतिक्रिया देते हैं।





