नई दिल्ली: भारत का पर्यटन सेक्टर एक बड़े बदलाव से गुज़र रहा है, और इसकी वजह है घरेलू पर्यटन में आया ज़बरदस्त उछाल। अब भारतीय विदेशी धरती की जगह अपने ही देश के खूबसूरत कोनों को एक्सप्लोर कर रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक दशक (2014-2024) में घरेलू पर्यटकों की संख्या बढ़कर 18,639 मिलियन हो गई, जो इससे पहले के दशक (2004-2013) में महज़ 6,779 मिलियन थी। यह लगभग तीन गुना की बढ़ोतरी है! इस तूफ़ानी बढ़त ने भारत के hospitality sector — यानी होटल, रिसॉर्ट और गेस्ट हाउस इंडस्ट्री — को एक नई जान दे दी है।

मुख्य बातें
  • पिछले 10 सालों में घरेलू टूरिस्ट की संख्या में लगभग तीन गुना की भारी बढ़ोतरी हुई है।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'विदेश की जगह देश घूमो' अपील का मार्केट पर सीधा असर दिखा है।
  • बेहतर Infrastructure, खासकर नए एयरपोर्ट्स और हाईवे, ने यात्रा को आसान और सुलभ बना दिया है।
  • IHCL (Taj Hotels) और The Leela जैसे बड़े Hotel Groups अब घरेलू अमीरों पर ज़्यादा focus कर रहे हैं।
  • Airport hotels का कारोबार तेज़ी से बढ़ रहा है क्योंकि aviation sector में ज़बरदस्त growth हो रही है।
  • पहले जो अमीर भारतीय विदेश जाते थे, अब वे भारत में ही luxury experience खोज रहे हैं।

घरेलू पर्यटन की नई लहर, होटल इंडस्ट्री की चाँदी!

सच यही है। भारत में घूमना अब एक नया ट्रेंड बन गया है। पहले लोग छुट्टियों के लिए विदेश जाने का सपना देखते थे, लेकिन अब कश्मीर से कन्याकुमारी तक, देश के कोने-कोने में भीड़ दिख रही है। इसका सबसे बड़ा फायदा होटल इंडस्ट्री को मिल रहा है। छोटे शहरों के होटलों से लेकर बड़े शहरों के 5-star रिसॉर्ट्स तक, सब जगह occupancy rates आसमान छू रहे हैं। क्योंकि जब लोग ज़्यादा यात्रा करेंगे, तो उन्हें रुकने के लिए जगह भी चाहिए होगी। यह सीधी सी बात है। इस डिमांड को पूरा करने के लिए नए-नए होटल्स और होमस्टे भी खुल रहे हैं, जिससे local economy को भी सहारा मिल रहा है और रोज़गार के मौके पैदा हो रहे हैं।

सरकार का 'देखो अपना देश' Push और Infrastructure का कमाल

इस बदलाव के पीछे सरकार की नीतियों का भी बड़ा हाथ है। प्रधानमंत्री मोदी ने कई बार लोगों से अपील की है कि वे विदेश यात्रा पर खर्च करने के बजाय भारत के कम से कम 15 पर्यटन स्थलों पर घूमें। इस 'देखो अपना देश' पहल ने लोगों की सोच बदली है। लेकिन सिर्फ कहने से कुछ नहीं होता। सरकार ने ज़मीनी स्तर पर भी काम किया है। पिछले 11 सालों में देश में infrastructure पर ज़बरदस्त काम हुआ है — शानदार हाईवे, छोटे शहरों तक हवाई कनेक्टिविटी और बेहतर ट्रेन सेवाओं ने यात्रा को पहले से कहीं ज़्यादा आरामदायक बना दिया है। सोचो ज़रा, अब आप आसानी से किसी भी दूर-दराज़ के हिल स्टेशन या बीच पर पहुँच सकते हैं, जो पहले एक सपना हुआ करता था। इसी वजह से airport hotels का business भी फल-फूल रहा है।

क्यों अब अमीर भारतीय भी कर रहे हैं देश में 'Staycation'?

एक और दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिल रहा है। भारत का अमीर तबका, जो पहले छुट्टियां मनाने Europe या Thailand जाता था, अब देश में ही luxury travel के विकल्प तलाश रहा है। Hospitality sector के बड़े खिलाड़ी जैसे IHCL और The Leela इस मौके को भुनाने में लगे हैं। वे जानते हैं कि भारतीय अमीरों को अब अपने ही देश में विश्व-स्तरीय अनुभव चाहिए — चाहे वो राजस्थान के शाही महलों में रुकना हो, केरल के backwaters में হাউসবোট का मज़ा लेना हो या फिर हिमालय की गोद में बने wellness retreat में आराम करना हो। और कंपनियां उन्हें यह सब मुहैया करा रही हैं। यह एक बड़ा market shift है, जो दिखाता है कि भारत का पर्यटन बाज़ार अब कितना mature हो गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

घरेलू पर्यटन बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?

देखिए, इसके कई कारण हैं। सरकार की 'देखो अपना देश' जैसी पहल, बेहतर सड़कें और नए एयरपोर्ट्स, और लोगों में अपने देश को जानने की बढ़ती इच्छा। कोरोना के बाद से यह ट्रेंड और भी तेज़ हुआ है।

इस ट्रेंड से होटल इंडस्ट्री को कैसे फायदा हो रहा है?

सीधी बात है, ज़्यादा टूरिस्ट मतलब ज़्यादा bookings। बड़े luxury hotels से लेकर छोटे homestays तक, सभी की occupancy बढ़ी है। इससे न केवल revenue बढ़ रहा है, बल्कि नए-नए hotels भी खुल रहे हैं।

क्या यह ट्रेंड आगे भी जारी रहेगा?

देखिए, सारे संकेत इसी ओर इशारा कर रहे हैं। सरकार का focus domestic tourism पर बना हुआ है, infrastructure लगातार सुधर रहा है, और युवा पीढ़ी में घूमने का शौक बढ़ रहा है। तो हाँ, यह ग्रोथ जारी रहने की पूरी उम्मीद है।